News
News
टीवीabp shortsABP शॉर्ट्सवीडियो पॉडकास्ट
X

भारतीय रेलवे की हालत खस्ताः 100 रुपये कमाने के लिए करती है 111 रुपये का खर्च

रेलवे के फाइनेंस विंग से निकाले आंकड़ों से ये साफ हुआ है कि हर 100 रुपये कमाने के लिए रेलवे को 111.51 रुपये खर्च करने पड़ते हैं.

Share:

नई दिल्लीः भारतीय रेलवे की आर्थिक हालत खस्ता है और इसका पता इस बात से चलता है कि रेलवे जितनी कमाई कर रहा है उससे ज्यादा खर्च कर रहा है. रेलवे की आर्थिक दुर्दशा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसको यात्री किरायों और मालभाड़े से जितनी कमाई होती है उससे ज्यादा रेलवे खर्च कर देता है. रेलवे के फाइनेंस विंग से निकाले आंकड़ों से ये साफ हुआ है कि हर 100 रुपये कमाने के लिए रेलवे को 111.51 रुपये खर्च करने पड़ते हैं.

अप्रैल-जुलाई में रेलवे का रिकॉर्ड ऑपरेटिंग रेश्यो आया है जो कि 111 फीसदी पर है. ये उम्मीद से कम ट्रैफिक ग्रोथ और ऊंचे खर्चों को दिखाता है जिसमें बढ़ती पेंशन की देनदारी और ऑपरेशनल खर्चे शामिल हैं. रेलवे का ऑपरेटिंग रेश्यो काफी सालों से ऊपर है और लेकिन पिछले 5-6 सालों से ये 90 फीसदी के दायरे में चल रहा था यानी रेलवे को 100 रुपये कमाने के लिए करीब 90 रुपये खर्च करने पड़ रहे थे. साल 2017-18 में ये 96 फीसदी थी पूरे साल के लिए ऑपरेटिंग रेश्यो का लक्ष्य 92.8 फीसदी पर रखा गया था.

क्या है ऑपरेटिंग रेश्यो ऑपरेटिंग रेश्यो वो पैमाना है जिसके तहत राजस्व की तुलना में खर्चों की गणना की जाती है. इसके जरिए ऑपरेशनल खर्चों को ऑपरेशनल राजस्व से भाग दिया जाता है जो कि किसी संस्थान के प्रदर्शन को नापने में मदद करता है. ऊंचे ऑपरेटिंग रेश्यो का ये साफ मतलब है कि ये राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर इतना पैसा नहीं पाती है कि नए निवेश कर सके. नई रेलवे लाइनें बिछाने, नए कोच बनाने और रेलवे के आधुनिकीकरण के काम नहीं किए जा सकते हैं.

यात्री किरायों से तय लक्ष्य से कम आई कमाई रेलवे ने अप्रैल-जुलाई में 17,273.37 करोड़ रुपये की कमाई यात्री किरायों से की जबकि इसका लक्ष्य 17,736.09 करोड़ रुपये रखा गया था. वित्तीय वर्ष 2018-19 के पहले चार महीनों में रेलवे की कमाई इसके तय किए गए लक्ष्य से कम रही है. रेलवे के फाइनेंस विंग से ये आंकड़ा इकट्टा किया गया है.

सामान ढुलाई का लक्ष्य भी नहीं हुआ पूरा अप्रैल-जुलाई में रेलवे की सामान से होने वाली ढुलाई भी इसके अनुमानित लक्ष्य से कम रही है. ये चार महीनों में 36,480.41 करोड़ रुपये रही जबकि इसके लिए तय लक्ष्य 39,253.41 करोड़ रुपये था.

रेलवे की कुल कमाई चालू वित्तीय वर्ष में रेलवे की कुल कमाई 56,717.84 करोड़ रुपये रही है जबकि इसका लक्ष्य 61,902.51 करोड़ रुपये रखा गया था.

रेलवे को चलाने का खर्च रेलवे को चलाने का खर्च देखें तो अप्रैल-जुलाई के दौरान ये 52,517.71 करोड़ रुपये रहा जबकि इसकी तुलना में रेलवे ने 50,487.36 करोड़ रुपये की ही कमाई की थी. रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि रेलवे को चलाने के खर्च के अलावा कुछ अन्य खर्चें भी हैं जिसके चलते ऑपरेटिंग रेश्यों इतना ज्यादा हो गया है.

पेंशन आदि खर्चों पर व्यय रेलवे की पेंशन देयता, रेलवे बोर्ड का खर्च और रेलवे संस्थानों पर होने वाला खर्च भी रेलवे को चलाने वाले खर्च के अलावा वो बड़े खर्चे हैं जिनके चलते रेलवे का ऑपरेटिंग रेश्यो 11.51 पर पहुंच गया है. 7वें वेतन आयोग के बाद रेलवे को कुल 47,000 करोड़ रुपये की पेंशन देनी पड़ रही है जिसका मतलब है कि अप्रैल-जुलाई के दौरान रेलवे ने करीब 12,000 करोड़ रुपये पेंशन के रूप में खर्च किए.

हालांकि इसके बाद रेलवे अधिकारी ने ये भी कहा कि ये सीजन रेलवे के ट्रैफिक के लिहाज से ज्यादा बेहतर नहीं रहता है और सामान्य तौर पर वित्त वर्ष के आखिरी तिमाही में जाकर बेहतर होता है.

Published at : 20 Aug 2018 01:55 PM (IST) Tags: trains Train Indian Railways
हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: News in Hindi

यह भी पढ़ें

वंदे मातरम विवादः ‘छह अंतरे तभी गाए जाएंगे, जब...’, DKS सरकार का बड़ा फैसला

वंदे मातरम विवादः ‘छह अंतरे तभी गाए जाएंगे, जब...’, DKS सरकार का बड़ा फैसला

CJP प्रोटेस्ट: स्वतंत्र भारद्वाज केस में CJI सख्त, 'अगर असामाजिक तत्वों ने...'

CJP प्रोटेस्ट: स्वतंत्र भारद्वाज केस में CJI सख्त, 'अगर असामाजिक तत्वों ने...'

गले में फंसा ट्रैक्टर का टायर, चाय बागान में भटकता दिखा जंगली हाथी

गले में फंसा ट्रैक्टर का टायर, चाय बागान में भटकता दिखा जंगली हाथी

'...तो गांधीजी की नहीं, नेताजी की भाषा में जवाब दूंगा', भड़के शुभेंदु अधिकारी

'...तो गांधीजी की नहीं, नेताजी की भाषा में जवाब दूंगा', भड़के शुभेंदु अधिकारी

सत्य निकेतन हादसा: HC से SC ट्रांसफर होगा केस, जज बोले- पूरे देश को लेकर चिंतित

सत्य निकेतन हादसा: HC से SC ट्रांसफर होगा केस, जज बोले- पूरे देश को लेकर चिंतित

टॉप स्टोरीज

शिमला जिला परिषद में कांग्रेस को बड़ा झटका, पहली बार जीती BJP

शिमला जिला परिषद में कांग्रेस को बड़ा झटका, पहली बार जीती BJP

BRICS 2026 में कौन-कौन आ रहा भारत? पुतिन, जिनपिंग समेत मेहमानों की पूरी लिस्ट

BRICS 2026 में कौन-कौन आ रहा भारत? पुतिन, जिनपिंग समेत मेहमानों की पूरी लिस्ट

शूटिंग खत्म! अब नेट्स पर लौटे रोहित शर्मा, तस्वीर देख खुश हो जाएगा फैंस का दिल

शूटिंग खत्म! अब नेट्स पर लौटे रोहित शर्मा, तस्वीर देख खुश हो जाएगा फैंस का दिल

BRICS समिट के लिए भारत नहीं आएंगे बांग्लादेश के PM तारिक रहमान, जानें वजह

BRICS समिट के लिए भारत नहीं आएंगे बांग्लादेश के PM तारिक रहमान, जानें वजह